by admin on | 2023-04-30 07:35:42 Last Updated by admin on2025-04-04 23:35:45
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प्रदेश में मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देने की प्रदेश सरकार की मुहिम को किसानों का पूरा साथ मिल रहा है। जायद फसल (रबी और खरीफ के मध्य में बोई जाने वाली फसल) के लिए तय मोटे अनाज के लक्ष्य से अधिक रकबे पर हुई खेती इसकी पुष्टि क रही है।
जायद सीजन में 2.56 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में मोटे अनाज की खेती का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि आच्छादन 2.68 लाख हेक्टेयर रहा। यह तय लक्ष्य के 104 प्रतिशत से अधिक है।
कृषि विभाग ने प्रदेश में मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष किसानों को मिनी किट का वितरण किया था। इसका बेहतर परिणाम दिखा। प्रदेश में मक्का के लिए 1.79 लाख हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य तय किया गया था जबकि कवरेज एरिया इससे कहीं अधिक 1.93 लाख हेक्टेयर रहा। यह तय लक्ष्य का 107.57 प्रतिशत है।
वहीं जायद के दौरान बाजरा का लक्ष्य 0.79 लाख हेक्टेयर रखा गया था जबकि खेती 0.74 लाख हेक्टेयर में हुई। चेना ( जायद सांवा) की खेती भी तय लक्ष्य के 68.33 प्रतिशत के दायरे में रही दलहन की खेती भी बेहतर देखि गई, उर्द और मूंग का कवरेज एरिया तय लक्ष्य का 96.64 प्रतिशत रहा।